शिवकुमार एम
शिवकुमार एम | |
|---|---|
| Born | 1973 (age 52–53) |
| Education | |
| Scientific career | |
| Fields | अनुप्रयुक्त भौतिकी |
| Institutions | अलगप्पा विश्वविद्यालय |
डॉ. शिवकुमार एम भारत केप्रमुख वैज्ञानिकों में से एक हैं, जो अनुप्रयुक्त भौतिकी के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वर्तमान में वे अलगप्पा विश्वविद्यालय में सह - प्राध्यापक के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा
शिवकुमार एम ने अपनी शिक्षा के दौरान निम्न योग्यताएँ प्राप्त कीं: 2006 में नेशनल ताइवान यूनिवर्सिटी से पीडीएफ प्राप्त की। 2004 में अलगप्पा यूनिवर्सिटी से पीएचडी प्राप्त की। 1996 में अलगप्पा यूनिवर्सिटी से एम.फिल. प्राप्त की। 1995 में अलगप्पा यूनिवर्सिटी से एम.एससी. प्राप्त की।
कार्य जीवन
शिवकुमार एम का कार्य अनुभव कई प्रतिष्ठित संस्थानों में फैला हुआ है। 2019 से वर्तमान तक, भौतिकी विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप मेंकार्यरत हैं। 2004 से 2006 तक, अलगप्पा विश्वविद्यालय, शिवगंगा में पोस्ट-डॉक्टरल फेलो के रूप मेंकार्य किया। 1999 से 2004 तक में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप मेंकार्य किया। 1996 से 1998 तक, राष्ट्रीय ताइवान विश्वविद्यालय, ताइपे में प्रोजेक्ट असिस्टेंट के रूप मेंकार्य किया।कार्य किया।, डॉ बी आर अंबेडकर विश्वविद्यालय, श्रीकाकुलम, श्रीकाकुलमकार्य किया।कार्य किया।, केंद्रीय विद्युत रसायन अनुसंधान संस्थान, सीएसआईआर-सीईसीआरआई, कराईकुडी, तमिलनाडुकार्य किया।वर्तमान में अलगप्पा विश्वविद्यालय मेंकार्यरत हैं।
शोध एवं प्रकाशन
शिवकुमार एम के अनुसंधान में रुचि के प्रमुख क्षेत्र हैं:सामग्री विज्ञान, रसायन इंजीनियरिंग, भौतिकी हरित ऊर्जा, लिथियम बैटरी, सोडियम बैटरी, सल्फर बैटरी, ईंधन सेल, सुपरकैपेसिटर, जैव-ईंधन, क्रिस्टल ग्रोथ, मेटल एयर बैटरी। शिवकुमार एम ने इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय शोध कार्य किया है और महत्वपूर्ण योगदान दिया है। शिवकुमार एम की Google Scholar प्रोफ़ाइल में 116 शोध लेख, 4 पुस्तकें, 6 परियोजनाएँ शामिल हैं। यह शिवकुमार एम के शैक्षणिक प्रभाव और शोध में सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।
पुरस्कार
शिवकुमार एम को अपने करियर में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैं।
- 2021 में आईक्यूएसी और आरयूएसए 2.0, अलगप्पा यूनिवर्सिटी द्वारा वल्ला अलगप्पार रिसर्च रिकग्निशन अवार्ड को जीता।
- 2019 में इलेक्ट्रोचिमिका एक्टा - एल्सेवियर पब्लिकेशन द्वारा उत्कृष्ट समीक्षा योगदान को से सम्मानित किया गया।
- 2019 में 20-22, मार्च 2019 के दौरान भौतिकी विभाग, अलगप्पा यूनिवर्सिटी, कराईकुडी-600 003 द्वारा आयोजित सतत ऊर्जा और सेंसर के लिए उन्नत सामग्री पर राष्ट्रीय सम्मेलन (एनसीएएमएसईएस-2019) में प्रस्तुत किया गया। द्वारा सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति को से सम्मानित किया गया।
- 2021 में आईक्यूएसी और आरयूएसए 2.0, अलगप्पा यूनिवर्सिटी द्वारा वल्ला अलगप्पार रिसर्च रिकग्निशन अवार्ड को से सम्मानित किया गया।
- 2019 में इलेक्ट्रोचिमिका एक्टा - एल्सेवियर पब्लिकेशन द्वारा उत्कृष्ट समीक्षा योगदान को प्राप्त किया।
- 2019 में 20-22, मार्च 2019 के दौरान भौतिकी विभाग, अलगप्पा यूनिवर्सिटी, कराईकुडी-600 003 द्वारा आयोजित सतत ऊर्जा और सेंसर के लिए उन्नत सामग्री पर राष्ट्रीय सम्मेलन (NCAMSES-2019) में प्रस्तुत किया गया। द्वारा सर्वश्रेष्ठ मौखिक प्रस्तुति को प्राप्त किया।
- 2018 में की महत्वपूर्ण भूमिका पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुत किया गया। अक्षय ऊर्जा उपकरणों में नैनोमटेरियल्स -2018 (आईसी एमएनआरई-2018) भौतिक विज्ञान विभाग, अलगप्पा विश्वविद्यालय, कराईकुडी-630003 द्वारा 1-2 मार्च 2018 के दौरान आयोजित किया गया, 'नैनोमटेरियल्स पर राष्ट्रीय सम्मेलन, एनसीएन-2017 भौतिकी के पीजी और अनुसंधान विभाग, अरिग्नार अन्ना गवर्नमेंट आर्ट्स कॉलेज, नामक्कल - 637002, तमिलनाडु भारत में आयोजित किया गया। 20-21 जुलाई 2017 द्वारा सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति को से सम्मानित किया गया।
- 2017 में भौतिकी विभाग, मदर टेरेसा महिला विश्वविद्यालय, कोडाइकनाल, भारत द्वारा 4 अगस्त 2017 को सामग्री विज्ञान और प्रौद्योगिकी पर एक दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी (आईएसएमएसटी-2017) का आयोजन द्वारा सर्वश्रेष्ठ पेपर प्रस्तुति को जीता।
- 2017 में ऊर्जा अनुप्रयोगों के लिए नैनोसाइंस और नैनोटेक्नोलॉजी पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (ईएपी-2016) सेंटर फॉर नैनोसाइंस एंड नैनोटेक्नोलॉजी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर एनर्जी रिसर्च द्वारा आयोजित किया गया। सत्यबामा विश्वविद्यालय, चेन्नई-600 119. भारत 27-29, जून 2016 के दौरान द्वारा सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति को प्राप्त किया।
- 2016 में इंडो-ताइवान सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजना, डीएसटी-एनएससी द्वारा द्वारा सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार को से सम्मानित किया गया।
- 2012 में इंडो-ताइवान सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजना, डीएसटी-एनएससी द्वारा द्वारा भारतीय प्रधान वैज्ञानिक को से सम्मानित किया गया।
- 2011 में इंडो-ताइवान सहयोगात्मक अनुसंधान परियोजना, डीएसटी-एनएससी द्वारा द्वारा भारतीय प्रधान वैज्ञानिक को प्राप्त किया।
- 2010 में राष्ट्रीय विज्ञान समिति (एनएससी) ताइवान द्वारा भारतीय प्रधान वैज्ञानिक को से सम्मानित किया गया।
- 2004 में पोस्ट डॉक्टोरल फेलो को प्राप्त किया।
व्यावसायिक सदस्यताएँ
उन्होंने कई व्यावसायिक संस्थाओं से संबद्धता रखी है।
- इंडियन सोसाइटी फॉर एटॉमिक एंड मॉलिक्यूलर फिजिक्स (आईएसएएमपी) में आजीवन सदस्य|
- बोस साइंस सोसाइटी में फ़ेलो सदस्य|
- इंडियन फिजिक्स एसोसिएशन (आईपीए) में आजीवन सदस्य|
- इंडियन सोसाइटी फॉर एटॉमिक एंड मॉलिक्यूलर फिजिक्स (आईएसएएमपी) में आजीवन सदस्य|
- बोस साइंस सोसाइटी में फ़ेलो सदस्य|
- इंडियन फिजिक्स एसोसिएशन (आईपीए) में आजीवन सदस्य|
- सोसाइटी फॉर पॉलिमर साइंस इंडिया- तिरुवनंतपुरम चैप्टर (एसआईपीएस) में आजीवन सदस्य|
- इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजिक्स टीचर्स (आईएपीटी) में आजीवन सदस्य|
- एसएईएसटी में जीवन सक्रिय सदस्य|
संदर्भ
1. यह जानकारी विद्वान नामक वेबसाइट से प्राप्त की गई है।