पी.रतीश कुमार

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पी.रतीश कुमार
Born1969 (age 56–57)
EducationPost Doc Fellow
Scientific career
Fieldsअसैनिक अभियंत्रण
Institutionsराष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, वारंगल

डॉ. पी.रतीश कुमार भारत केप्रमुख वैज्ञानिकों में से एक हैं, जो असैनिक अभियंत्रण के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वर्तमान में वे राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, वारंगल, वारंगल, तेलंगाना, भारत में प्रोफ़ेसर के रूप में कार्यरत हैं।

शिक्षा

पी.रतीश कुमार ने अपनी शिक्षा के दौरान निम्न योग्यताएँ प्राप्त कीं: 2010 में होक्काइडो यूनिवर्सिटी से पोस्ट डॉक्टर फेलो प्राप्त की। 2006 में कितामी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, होक्काइडो, जापान से डॉ. इंजीनियरिंग प्राप्त की। 2004 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, वारंगल से पीएचडी प्राप्त की। 1992 में आरईसी वारंगल से एम.टेक प्राप्त की।

कार्य जीवन

पी.रतीश कुमार का कार्य अनुभव कई प्रतिष्ठित संस्थानों में फैला हुआ है। 2018 से वर्तमान तक, सिविल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर के रूप मेंकार्यरत हैं।, राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, वारंगल, वारंगलकार्य किया।वर्तमान में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान, वारंगल मेंकार्यरत हैं।

शोध एवं प्रकाशन

पी.रतीश कुमार के अनुसंधान में रुचि के प्रमुख क्षेत्र हैं:टिकाऊ कंक्रीट बनाने की सामग्री और प्रौद्योगिकियां, पुनर्चक्रित समग्र कंक्रीट, भूकंप इंजीनियरिंग, संरचनाओं की स्वास्थ्य निगरानी, ​​इमारतों और पुलों की मरम्मत और पुनर्वास।। पी.रतीश कुमार ने इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय शोध कार्य किया है और महत्वपूर्ण योगदान दिया है। पी.रतीश कुमार की Google Scholar प्रोफ़ाइल में 125 शोध लेख, 16 पुस्तकें, 8 परियोजनाएँ शामिल हैं। यह पी.रतीश कुमार के शैक्षणिक प्रभाव और शोध में सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।

पुरस्कार

पी.रतीश कुमार को अपने करियर में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैं।

  • 2021 में जापान दूतावास और भारतीय जेएसपीएस पूर्व छात्र संघ (आईजेएए) द्वारा लेटर ऑफ एप्रिसिएशन को से सम्मानित किया गया।
  • 2021 में एनआईटी वारंगल और डंडी स्कॉटलैंड विश्वविद्यालय द्वारा डुओ-इंडिया फेलोशिप को से सम्मानित किया गया।
  • 2021 में सीएमईटी, हैदराबाद द्वारा ग्रैंड चैलेंज अवार्ड को जीता।
  • 2021 में जापान दूतावास और भारतीय जेएसपीएस पूर्व छात्र संघ (आईजेएए) द्वारा लेटर ऑफ एप्रिसिएशन को से सम्मानित किया गया।
  • 2021 में एनआईटी वारंगल और डंडी स्कॉटलैंड विश्वविद्यालय द्वारा डुओ-इंडिया फेलोशिप को से सम्मानित किया गया।
  • 2021 में सीएमईटी, हैदराबाद द्वारा ग्रैंड चैलेंज अवार्ड को से सम्मानित किया गया।
  • 2020 में विज्ञान पिता द्वारा बेस्ट रिसर्च अवार्ड को जीता।
  • 2020 में स्लोवाकियाई सरकार। स्कॉलरशिप द्वारा नेशनल स्कॉलरशिप प्रोग्राम को जीता।
  • 2020 में केपीआर फाउंडेशन एंड काउंसिल फॉर ग्रीन रेजोल्यूशन (सीजीआर) द्वारा अर्थ लीडर अवार्ड फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट को प्राप्त किया।
  • 2017 में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन रीसेंट एडवांसेज इन इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईसीआरएईटी) द्वारा एक्सीलेंट पेपर अवार्ड को से सम्मानित किया गया।
  • 2015 में काकतीय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस द्वारा प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार को प्राप्त किया।
  • 2014 में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड एनआईटीडब्ल्यू एलुमनी एसोसिएशन द्वारा सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग शोधकर्ता पुरस्कार को जीता।
  • 2014 में एनआईटी वारंगल एंड एनआईटीडब्ल्यू एलुमनी एसोसिएशन द्वारा सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग शोधकर्ता पुरस्कार को से सम्मानित किया गया।
  • 2013 में जर्नल ऑफ सिविल स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनिटरिंग द्वारा सर्वश्रेष्ठ पेपर पुरस्कार-आफताब मुफ्ती मेडल को जीता।
  • 2013 में इंस्टीट्यूटो सुपीरियर टेक्निको, पुर्तगाल'। 'इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस, काकतीय यूनिवर्सिटी, वारंगल। द्वारा विरासत छात्रवृत्ति को से सम्मानित किया गया।
  • 2013 में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर स्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनिटरिंग ऑफ इंटेलिजेंट इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा प्रतिष्ठित पूर्व छात्र पुरस्कार को प्राप्त किया।
  • 2012 में जापान सोसाइटी फॉर प्रमोशन ऑफ साइंसेज (जेएसपीएस) द्वारा आफताब मुफ्ती मेडल को प्राप्त किया।
  • 2009 में काकतीय इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस द्वारा पोस्ट-डॉक्टरल फेलोशिप को जीता।
  • 2007 में जर्नल\\xa0of प्रोग्रेस इन स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग एंड मैटेरियल्स द्वारा प्रतिष्ठित पूर्व छात्र को से सम्मानित किया गया।
  • 2004 में कितामी इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, जापान द्वारा तकनीकी पेपर के योगदान के लिए नकद पुरस्कार को से सम्मानित किया गया।
  • 2003 में मेक्स्ट जापानी गवर्नमेंट स्कॉलरशिप द्वारा मोनबुशो को प्राप्त किया।
  • 2003 में गवर्नमेंट ऑफ इंडिया द्वारा मोनबुकागाकुशो- को जीता।
  • 2002 में इंडियन' सरकारी अनुसंधान छात्रवृत्ति द्वारा डॉक्टरेट अध्ययन के लिए जवाहरलाल नेहरू छात्रवृत्ति को जीता।
  • 2002 में एआईटी बैंकॉक द्वारा जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल को से सम्मानित किया गया।
  • 2002 में एआईसीटीई, यूजीसी और एपीकॉस्ट, सरकार। भारत का द्वारा विजिटिंग रिसर्च फेलो को से सम्मानित किया गया।
  • 2001 में डेनमार्क का तकनीकी विश्वविद्यालय (डीटीयू) द्वारा यंग इंजीनियर ट्रैवल ग्रांट अवार्ड को जीता।
  • 2001 में डेनिश सरकार छात्रवृत्ति को प्राप्त किया।

व्यावसायिक सदस्यताएँ

इन्होंने कई व्यावसायिक संस्थाओं से संबद्धता रखी है।

  • इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स (आईईआई), भारत, 1239550. में चार्टर्ड इंजीनियर|
  • इंडियन सोसाइटी ऑफ अर्थक्वेक टेक्नोलॉजी (आईएसईटी) नंबर: एलएम 1782 में आजीवन सदस्य|
  • इंडियन जियोटेक्निकल सोसाइटी (आईजीएस) नंबर एलएम-4925. में आजीवन सदस्य|
  • इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स (आईईआई), भारत, 1239550. में चार्टर्ड इंजीनियर|
  • इंडियन सोसाइटी ऑफ अर्थक्वेक टेक्नोलॉजी (आईएसईटी) नंबर: एलएम 1782 में आजीवन सदस्य|
  • इंडियन जियोटेक्निकल सोसाइटी (IGS) नंबर LM-4925 में आजीवन सदस्य|
  • आर्किटेक्चरल इंस्टीट्यूट ऑफ जापान (AIJ) में पूर्व सदस्य|
  • इंडियन कंक्रीट इंस्टीट्यूट (ICI) नंबर: 7985 में सदस्य|
  • इंडियन सोसाइटी फॉर रॉक मैकेनिक्स एंड टनलिंग टेक्नोलॉजी (ISRMTT) में आजीवन सदस्य|
  • जापान सोसाइटी ऑफ सिविल इंजीनियर्स (JSCE) में सदस्य|
  • इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स (IEI) नंबर: F/1239550 में साथी सदस्य|
  • इंडियन सोसाइटी ऑफ टेक्निकल' शिक्षा (आईएसटीई) संख्या: एलएम 15377 में सदस्य|

संदर्भ

1. यह जानकारी विद्वान नामक वेबसाइट से प्राप्त की गई है।