कफ: Difference between revisions

From IndicWiki Sandbox
https://sandbox.indicwiki.org/index.php/>हिंदुस्थान वासी
m POSTNEWTECH (Talk) के संपादनों को हटाकर CommonsDelinker के आखिरी अवतरण को पूर्ववत किया
 
m 1 revision imported
 
(No difference)

Latest revision as of 06:41, 30 August 2024

कफ दोष[edit | edit source]

शरीर का स्‍नेहन, आर्दता, स्निग्‍धता, संधियों का बन्‍धन तथा जोड़ना, अंगों को दृढ़ एवं अशिथिल रखना, शरीर का प्राकृतिक गुरता, भराव, पूरण और बुद्घि, तर्पण अथवा तरावट, ब्रणों का भरना और पूरना, वीर्यवत्‍ता, बल, पुष्टि, उत्‍साह, क्षमा, सहिष्‍णुता, मानसिक स्‍थिरता, धृति, ज्ञान, विवेक, अलोलुपता आदि सामान्‍य कार्य हैं।

कफ दोष के लक्षण[edit | edit source]

  1. अत्यधिक बलगम के साथ ठंड
  2. साइनस
  3. मल त्याग में परेशानी
  4. अचानक वजन बढ़ना
  5. शारीरिक शक्ति में कमजोरी ।

यदि आप इन लक्षणों का अनुभव कर रहे हैं, तो आपके पास कफ दोष असंतुलन हो सकता है। ऐसे में आप कुछ ऐसे भोजन को अपनी थाली में शामिल करों जो आपके कप दोष को दूर करने के लिए उपयुक्त हो ।

कफ दोष का निवारण[edit | edit source]

सामान्य तौर पर, गर्म, हल्के और सूखे खाद्य पदार्थों के साथ कप दोष को शांत किया जा सकता है। कफ दोष  पृथ्वी और पानी से संबंध रखता है। यह एक ठंडा दोष है और इसे कच्चे के बजाय गर्म भोजन के साथ इलाज किया जाना चाहिए। कच्चे भोजन का सेवन करने से यह और अधिक बढ़ सकता है। कफ को सुस्त पाचन अग्नि कहा जाता है, इसलिए कच्चा भोजन पाचन तंत्र पर काफी गहरा असर कर सकता  है। इसलिए यदि आप कफ दोष से पीड़ित है तो भूलकर भी ठंडा भोजन और ठंडे पदार्थों का सेवन न करें अन्यथा यह और अधिक हो सकता है।

कफ दोष को दूर करने के लिए भोजन[edit | edit source]

आयुर्वेद के अनुसार निम्नलिखित दिशा-निर्देश विभिन्न खाद्य पदार्थों को खाने की सलाह देते है।  जो  कफ दोषों को संतुलित करने के लिए सर्वोत्तम खाद्य पदार्थ हैं ।

  1. केवल तभी खाएं जब आप वास्तव में भूखे हों और भोजन के बीच में न हों। अधिक भोजन करने से बचें, खासकर शाम के समय ।
  2. कफ के प्रकार एक दिन में दो भोजन पर पनप सकते हैं, इसलिए यदि आप भूखे नहीं हैं या अदरक से बने ताजे सब्जियों का रस लें तो आप नाश्ता छोड़ सकते हैं।
  3. अनुकूल खाद्य पदार्थ जो हल्के, सूखे या गर्म होते हैं। उदाहरण के लिए अनाज जैसे जौ, मक्का, बाजरा का सेवन करें।
  4. कच्चे भोजन  और ठंडा भोजन बिल्कुल भी न करें।
  5. उबली हुई, हरे, पत्तेदार सब्जियां जो कड़वे स्वाद से भरपूर होती हैं, जिसमें लहसुन और अदरक होती है।
  6. प्रमुख जड़ी-बूटियाँ हैं- काली मिर्च, जीरा, दालचीनी, इलायची, लौंग और हल्दी का सेवन करके  पाचन को मज़बूत किया जा सकता है।
  7. ऐसे खाद्य पदार्थों को कम करें जो भारी हों जैसे: लाल मांस, तैलीय / वसायुक्त (जैसे: नट्स, क्रिस्प, बिस्कुट, केक, तले हुए खाद्य पदार्थ या ठंडा दही, पनीर इत्यादि।
  8. शाकाहारी भोजन करने की कोशिश करें।
  9. ऐसे खाद्य पदार्थों को कम करें जो स्वाद में मीठे (परिष्कृत शर्करा, चॉकलेट), नमकीन और खट्टे हैं।
  10. अल्कोहल का सेवन कम से कम करें।

सन्‍दर्भ ग्रन्‍थ:[edit | edit source]

इन्हें भी देखें[edit | edit source]

आयुर्वेद, त्रिदोष

श्रेणी:आयुर्वेद