नमिता सिंह

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नमिता सिंह
EducationMSc
Scientific career
Fieldsविविध जीव विज्ञान
Institutionsगुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय

डॉ. नमिता सिंह भारत केप्रमुख महिला वैज्ञानिकों में से एक हैं, जो विविध जीव विज्ञान के क्षेत्र में कार्यरत हैं। वर्तमान में वे गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार, हरियाणा, भारत में डीन के रूप में कार्यरत हैं।

शिक्षा

नमिता सिंह ने अपनी शिक्षा के दौरान निम्न योग्यताएँ प्राप्त कीं: एमएससी प्राप्त की।

कार्य जीवन

नमिता सिंह का कार्य अनुभव कई प्रतिष्ठित संस्थानों में फैला हुआ है। 2023 से वर्तमान तक, जैव और नैनो प्रौद्योगिकी विभाग में डीन के रूप मेंकार्यरत हैं। 2016 से 2023 तक, गुरु जंभेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार में प्रोफेसर के रूप मेंकार्य किया। 2014 से 2017 तक, जैव और नैनो प्रौद्योगिकी में अध्यक्ष के रूप मेंकार्य किया। 2013 से 2016 तक, गुरु जंभेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसार में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप मेंकार्य किया। 2005 से 2011 तक, जैव और नैनो प्रौद्योगिकी विभाग में सहायक प्रोफेसर के रूप मेंकार्य किया। 2001 से 2005 तक, गुरु जंभेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, जयपुर में सहायक प्रोफेसर के रूप मेंकार्य किया।, जैव और नैनो प्रौद्योगिकीकार्य किया।, गुरु जंभेश्वर विज्ञान और प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसारकार्य किया।, जैव और नैनो प्रौद्योगिकीकार्य किया।, गुरु' जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसारकार्य किया।, जैव एवं नैनो प्रौद्योगिकीकार्य किया।, गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, हिसारकार्य किया।वर्तमान में गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय मेंकार्यरत हैं।

शोध एवं प्रकाशन

नमिता सिंह के अनुसंधान में रुचि के प्रमुख क्षेत्र हैं:माइक्रोबियल जैव प्रौद्योगिकी, माइक्रोबियल विविधता, जैव सूचना विज्ञान, माइक्रोबियल सक्रिय यौगिक, एंजाइम प्रौद्योगिकी, अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण जैव प्रौद्योगिकी। नमिता सिंह ने इन क्षेत्रों में उल्लेखनीय शोध कार्य किया है और महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नमिता सिंह की Google Scholar प्रोफ़ाइल में 142 शोध लेख, 18 पुस्तकें, 20 परियोजनाएँ शामिल हैं। यह नमिता सिंह के शैक्षणिक प्रभाव और शोध में सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।

पुरस्कार

नमिता सिंह को अपने करियर में कई प्रतिष्ठित पुरस्कार और सम्मान प्राप्त हुए हैं।

  • 2024 में एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट्स ऑफ इंडिया 1938 में स्थापित, सोसाइटीज रजिस्ट्रार के तहत पंजीकृत द्वारा एएमआई-लुई पाश्चर पुरस्कार 2024', "एशिया का इनोवेटिव एकेडमिशियन अवार्ड माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी", 'पुरस्कार पोस्टर प्रस्तुति कृषि और ऊर्जा में पर्यावरणीय स्थिरता को जीता।
  • 2023 में वर्ल्ड रिसर्च काउंसिल द्वारा एएमआई-लुई पाश्चर पुरस्कार 2024', "एशिया का इनोवेटिव एकेडमिशियन अवार्ड माइक्रोबियल बायोटेक्नोलॉजी", 'पुरस्कार पोस्टर प्रस्तुति कृषि और ऊर्जा में पर्यावरणीय स्थिरता को से सम्मानित किया गया।
  • 2018 में सतत कृषि, खाद्य, स्वास्थ्य, ऊर्जा और उद्योग के लिए जैव और नैनो प्रौद्योगिकियों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (आईसीबीएन 2018) द्वारा द्वितीय पुरस्कार पोस्टर प्रस्तुति को से सम्मानित किया गया।
  • 2024 में 1938 में स्थापित एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया, सोसाइटीज रजिस्ट्रार के तहत पंजीकृत द्वारा सर्वश्रेष्ठ पोस्टर प्रस्तुति पुरस्कार' (प्रथम, द्वितीय और तृतीय) को प्राप्त किया।
  • 2023 में वर्ल्ड रिसर्च काउंसिल द्वारा ईपी ओडुम गोल्ड मेडल को से सम्मानित किया गया।
  • 2018 में इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन बायो एंड सतत कृषि, खाद्य, स्वास्थ्य, ऊर्जा और उद्योग के लिए नैनो टेक्नोलॉजीज (ICBN 2018) द्वारा सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार: को प्राप्त किया।
  • 2018 में सतत कृषि, खाद्य, स्वास्थ्य, ऊर्जा और उद्योग के लिए जैव और नैनो प्रौद्योगिकियों पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन (ICBN 2018) द्वारा पोस्ट-डॉक्टरल फ़ेलोशिप को से सम्मानित किया गया।
  • 2011 में MAFAESE (2011), पर्यावरण विज्ञान विभाग, GJUSandT, हिसार में आयोजित द्वारा जनवरी 2001 में पोस्ट-डॉक्टरल फ़ेलोशिप प्रदान की गई। को जीता।
  • 2009 में इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर इकोलॉजिकल कम्युनिकेशन जून 2009। द्वारा यूनेस्को-अमेरिकन सोसाइटी फॉर माइक्रोबायोलॉजी को जीता।
  • 2008 में आण्विक जीवविज्ञान और पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में बायोसाइंसेज और बायोटेक्नोलॉजी विभाग, वनस्थलीयूनिवर्सिटी में आयोजित बायोटेक्नोलॉजी, 'जनवरी 2002 में जैकब ब्लास्टीन इंस्टीट्यूट फॉर डेजर्ट्स बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी ऑफ नेगेव सेडेबोकर कैंपस - 84990, इज़राइल द्वारा सम्मानित किया गया। द्वारा प्रथम पुरस्कार: बायोटेक्नोलॉजी डिवीजन थापर सेंटर फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च एंड डेवलपमेंट और स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग में आयोजित वेंचर एग्रो बायोटेक्नोलॉजी पर राष्ट्रीय सेमिनार में प्रस्तुति। एंडटेक्नोलॉजी, पटियाला, भारत 24-25 सितंबर, 1999 को से सम्मानित किया गया।
  • 2002 में जैकब ब्लास्टीन इंस्टीट्यूट फॉर डेजर्ट्स बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी ऑफ नेगेव सेडेबोकर कैंपस - 84990, इज़राइल द्वारा जूनियर रिसर्च फेलोशिप को से सम्मानित किया गया।
  • 2001 में वर्ष 2000 के लिए फ़ेलोशिप अवार्ड, प्रोफ़ेसर एविगडवॉनशाक, माइक्रोएल्गल बायोटेक्नोलॉजी प्रयोगशाला, द जैकब ब्लास्टीन इंस्टीट्यूट फॉर डेजर्ट्स बेन-गुरियन यूनिवर्सिटी फॉर नेगेव, सेडेबोकर कैंपस - 84990, इज़राइल' के साथ काम करने के लिए, 'बायोटेक्नोलॉजी डिवीजन थापर सेंटर फॉर इंडस्ट्रियल रिसर्च एंड डेवलपमेंट एंड स्कूल ऑफ बायोटेक्नोलॉजी, थापर इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी, पटियाला, भारत में 24-25 को आयोजित किया गया। सितंबर, 1999 द्वारा सीनियर रिसर्च फेलोशिप को से सम्मानित किया गया।
  • 2000 में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन द्वारा रिसर्च एसोसिएट को जीता।
  • 1999 में यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन ऑफ इंडिया द्वारा प्रथम पुरस्कार: राष्ट्रीय पर्यावरण जागरूकता अभियान में प्रस्तुति को प्राप्त किया।
  • पर्यावरण विभाग, भारत सरकार द्वारा प्रथम पुरस्कार: खाद्य सुरक्षा और फसल विज्ञान पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में प्रस्तुति को प्राप्त किया।
  • माइक्रोबायोलॉजी विभाग, बरकतुल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल - 462 026 में आयोजित द्वारा * हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में टिकाऊ कृषि और संसाधन प्रबंधन के लिए सोसायटी - 125 004 (भारत)। द्वारा * *

व्यावसायिक सदस्यताएँ

इन्होंने कई व्यावसायिक संस्थाओं से संबद्धता रखी है।
  • एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया हिसार यूनिट में महासचिव|
  • एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया हिसार यूनिट में महासचिव|
  • एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया में आजीवन सदस्य|
  • एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया हिसार यूनिट में महासचिव|
  • एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया हिसार यूनिट में महासचिव|
  • एसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया में आजीवन सदस्य|
  • \\uf0d8\\tएसोसिएशन ऑफ माइक्रोबायोलॉजिस्ट ऑफ इंडिया। (आजीवन सदस्य) हिसार यूनिट के कार्यकारी सदस्य वर्ष 2005-2008, 2010 से आज तक में आजीवन सदस्य|

संदर्भ

1. यह जानकारी विद्वान नामक वेबसाइट से प्राप्त की गई है।